Department of Health Research, Ministry of Health and Family Welfare, Government of India
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
WHO Collaborating Centre For Research and Training On Diarrhoeal Diseases
चिकित्सकीय औषधि के विभाग ने दो अस्पतालों में चिकित्सकीय
परीक्षण स्थापित किया है|
१. संक्रामक रोग चिकित्सालय: आतंरिक रोगी सुविधाओं सहित
निम्न के लिए -
क . रोगों की निगरानी
ख. सभी आयु समूहों में दस्त/ डायरिया संबंधी बीमारियों पर
चिकित्सकीय परीक्षण।
२, डॉ बी सी रॉय मेमोरियल शिशु चिकित्सालय: जहां बाहरी मरीज़
के लिए निम्नलिखित सुविधा है
क . निरीक्षण और
ख. शिशुयों में डायरिया संबंधी एवं टाइफाइड बुखार हेतु चिकित्सकीय
परीक्षण के लिए
आंतरिक रोगी सुविधाएँ|
वैज्ञानिक विभिन्न प्रकार के दस्त, आमातिसार और टाइफोइड बुखार के
बेहतर प्रबंधन को लक्षित करने के लिए जुटे हुए हैं। बीमारी के
प्रसार , जटिल स्थिति, विचित्र चिकित्सकीय प्रस्तुतिकरण रोगजन्य और
जटिलताओं पर भी कई अध्ययन नियोजित किए गए।
वैक्सीन / टीका परीक्षा
१. मीसल्स एयरोसोल वैक्सीन का चरण I परीक्षण
२. मौखिक कोलेरा वैक्सीन VA 1.3 का चरण II परीक्षण
३. रोटावायरस वैक्सीन पर चरण 3ए परीक्षण इस प्रभाग द्वारा किया गया
बैक्टीरियोलॉजी, वायरोलॉजी, पैरासिटोलॉजी और इम्यूनोलॉजी विभागों
की अंतर-विभागीय सहयोगी अनुसंधान गतिविधियों को भी हमारे द्वारा
समर्थित किया गया था। यह विभाग मानव संसाधन विकास के लिए सक्रिय
रूप से शामिल है, जिसमें स्नातक और स्नातकोत्तर मेडिकल छात्रों,
अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय डब्ल्यूएचओ फैलो, अंतर्राष्ट्रीय
विश्वविद्यालयों के चिकित्सा पेशेवरों, राष्ट्रीय स्तर के
स्वास्थ्य पेशेवरों तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पेशेवर
निकाय के लिए शिक्षण तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं
आयोजित की जाती हैं। विभागीय वैज्ञानिक कई स्नातकोत्तर छात्रों के
शोध-निबंध कार्यों के लिए सह-मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते हैं
|
हम निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध करते हैं
१. शिशुओं के चिकित्सालय में वर्ष १९८४ से डायरिया उपचार एवं
प्रशिक्षण यूनिट का संचालन करते हैं|
२. राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरणों को प्रयोगशाला और अन्य संबंधित
चिकित्सकीय संबंधी सूचनाएं उपलब्ध करने हैं|
३. दस्त के बीमारियों और भारत के विभिन्न राज्यों में अज्ञात बुखार
के लिए महामारी जांच संचालित करते हैं|
इस विभाग ने भारतीय परिप्रेक्ष्य में मानक डब्ल्यू.एच.ओ (WHO)
फॉर्मूलेशन के साथ ओ.आर.टी (ORT) पर कई शोध परियोजनाएं आयोजित किये
है| ओ.आर.एस(ORS) के बेहतर फॉर्मूलेशन का भी अध्ययन किया गया। इनमे
चावल आधारित, पॉप-चावल आधारित, ग्लाइसीन फोर्टिफाइड हाइपो-ऑस्मोलार
या कम ऑस्मोलार ओ.आर.एस(ORS) शामिल है| हमने बच्चों के लिए ORS के
एक सहायक चिकित्सा के रूप में जिंक, जिंक + विटामिन ए, जिंक + अन्य
सूक्ष्म पोषक तत्व और विटामिनों के अनुपूरक अध्ययनों का संचलान किया
था ।
निम्नलिखित प्रभावोत्पादकता का दस्तावेज़ीकरण इस विभाग की उपलब्धियाँ
थीं
१. कोलेरा के इलाज के लिए डॉक्सीसाइक्लिन, नॉरफ्लोक्सासिन,
इरीथ्रोमाइसीन, अजीथ्रोमाइसिन और सेफूरॉक्सिम
२. आमातिसार के इलाज के लिए नलिडिक्सिक एसिड, नॉरफ्लोक्सासिन,
सिप्रोफ्लोक्सासिन और फुराज़ोलिडोन
३. मल्टी-ड्रग प्रतिरोधी टाइफोइड बुखार के इलाज के लिए
सिप्रोफ्लोक्सासिन, फुराज़ोलिडोन, सेफ्फ्रैक्सोन।
संक्रामक रोग चिकित्सालय में दस्त की बीमारियों की भर्ती हुए रोगी
आधारित व्यवस्थित निगरानी इस विभाग की प्रमुख गतिविधियों में से एक
है। हम शिशु चिकित्सालय में दस्त रोगों के बाहरी रोगी आधारित
प्रणालीगत निगरानी करने की योजना बना रहे हैं। वर्तमान में हम
प्रतिरोधी स्टार्च और दस्त के साथ बच्चों में कम Osmolarity ORS का
परीक्षण आयोजित करते हैं । हम दस्त के प्रबंधन के लिए बेहतर
प्रोबायोटिक्स की खोज में भी जुटे हुए हैं।